Sandhi Samas BPSC TRE 4 Notes 2026 — परिचय
Sandhi Samas BPSC TRE 4 Notes 2026 हिंदी व्याकरण के उन दो टॉपिक्स को कवर करते हैं जिन पर BPSC TRE 4 Primary Teacher परीक्षा में लगभग हर बार सीधे शब्द-विच्छेद (परिभाषा) और पहचान (किस भेद में आता है) दोनों तरह के प्रश्न बनते हैं। ये नोट्स पूरी तरह मुफ़्त हैं, कहीं भी लॉक नहीं है।
संधि और समास दोनों दो शब्दों को जोड़ने की प्रक्रिया लगती है, इसलिए बच्चे अक्सर दोनों को एक ही समझ बैठते हैं — लेकिन संधि सिर्फ ध्वनियों (वर्णों) के मेल से बनती है, जबकि समास दो शब्दों के अर्थ-संबंध से नया शब्द बनाता है। यही फर्क आगे परीक्षा में स्कोर तय करता है।
संधि — परिभाषा और तीन भेद
दो वर्णों (ध्वनियों) के आपस में मिलने से जो विकार (परिवर्तन) उत्पन्न होता है, उसे संधि कहते हैं — जैसे “विद्या” + “आलय” मिलकर “विद्यालय” बनता है[1]।
| भेद | कब होती है | उदाहरण |
|---|---|---|
| स्वर संधि | स्वर के बाद स्वर आने पर | विद्या+आलय = विद्यालय |
| व्यंजन संधि | व्यंजन के बाद स्वर/व्यंजन आने पर | जगत्+नाथ = जगन्नाथ |
| विसर्ग संधि | विसर्ग (:) के बाद स्वर/व्यंजन आने पर | मनः+रथ = मनोरथ |
समास — परिभाषा और छह भेद
दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से जो एक नया, संक्षिप्त शब्द बनता है, उसे समास कहते हैं — जैसे “राजा का पुत्र” से “राजपुत्र” बनता है[2]।
- अव्ययीभाव: पहला पद प्रधान — यथाशक्ति
- तत्पुरुष: दूसरा पद प्रधान — राजपुत्र
- द्विगु: पहला पद संख्यावाचक — नवरात्र
- द्वंद्व: दोनों पद प्रधान — माता-पिता
- बहुव्रीहि: कोई पद प्रधान नहीं, अर्थ अन्य — दशानन
- कर्मधारय: विशेषण-विशेष्य संबंध — नीलकमल
संधि और समास में फर्क पहचानने की Trick
आम गलती
अभ्यास प्रश्न
विकल्प: 1) स्वर संधि 2) व्यंजन संधि 3) विसर्ग संधि 4) कोई नहीं
उत्तर: 2) व्यंजन संधि
व्याख्या: “जगत्” के व्यंजन “त्” के बाद “नाथ” का “न” आने से व्यंजन संधि हुई।
विकल्प: 1) तत्पुरुष 2) द्विगु 3) बहुव्रीहि 4) द्वंद्व
उत्तर: 3) बहुव्रीहि
व्याख्या: “दशानन” का अर्थ है “जिसके दस आनन (मुख) हैं” — यहाँ कोई भी पद प्रधान नहीं, अर्थ किसी तीसरे (रावण) की ओर संकेत करता है, इसलिए बहुव्रीहि समास है।
संदर्भ
- NCF 2005 — National Curriculum Framework, NCERT: ncert.nic.in
- NCERT Hindi Vyakaran textbook reference: ncert.nic.in/textbook.php
- Hindi grammar — Sandhi (Wikipedia): hi.wikipedia.org
- Hindi grammar — Samas (Wikipedia): hi.wikipedia.org
[3] संधि से जुड़े और उदाहरण इसी स्रोत में मिलते हैं। [4] समास के सभी भेदों की विस्तृत सूची यहाँ उपलब्ध है।
निष्कर्ष और आगे क्या पढ़ें
संधि ध्वनियों का मेल है, समास अर्थ का मेल — यह एक लाइन याद रख लें तो ज़्यादातर प्रश्न हल हो जाते हैं। संज्ञा-सर्वनाम-विशेषण-क्रिया पर विस्तृत उदाहरणों के लिए यह गाइड पढ़ें, और लिंग-वचन-कारक के लिए यह नोट्स देखें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
संधि और समास में मुख्य अंतर क्या है?
संधि दो वर्णों (ध्वनियों) के मेल से बनती है और शब्दों के बीच कोई कारक-चिह्न नहीं जुड़ता, जबकि समास में शब्दों के बीच का संबंध-सूचक शब्द (का, से, के लिए) लुप्त हो जाता है।
Sandhi Samas BPSC TRE 4 Notes 2026 में कुल कितने भेद बताए गए हैं?
संधि के 3 भेद (स्वर, व्यंजन, विसर्ग) और समास के 6 भेद (अव्ययीभाव, तत्पुरुष, द्विगु, द्वंद्व, बहुव्रीहि, कर्मधारय) — कुल 9 भेद इन नोट्स में कवर किए गए हैं।
बहुव्रीहि समास को कैसे पहचानें?
बहुव्रीहि समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता — पूरा शब्द किसी तीसरे व्यक्ति/वस्तु की विशेषता बताता है, जैसे “दशानन” (रावण के लिए)।
क्या हर जुड़ा हुआ शब्द संधि होता है?
नहीं। कई जुड़े हुए शब्द वास्तव में समास होते हैं (जैसे यथाशक्ति) — फर्क यह देखकर करें कि बीच में ध्वनि-परिवर्तन हुआ है (संधि) या अर्थ-संबंध/कारक-चिह्न लुप्त हुआ है (समास)।
विसर्ग संधि पहचानने की सबसे आसान निशानी क्या है?
अगर पहले शब्द के अंत में विसर्ग (:) है और उसके बाद कोई स्वर या व्यंजन आ रहा है और उसमें बदलाव हो रहा है, तो वह विसर्ग संधि है — जैसे “मनः+रथ = मनोरथ”।