मुहावरा और लोकोक्ति दोनों भाषा को प्रभावशाली बनाते हैं, लेकिन परीक्षा में दोनों को एक ही मान लेना गलती करा सकता है। Muhavare Lokokti BPSC TRE Notes 2026 में इसलिए केवल अर्थ याद करने के बजाय अर्थ + वाक्य-प्रयोग + प्रयोग की स्थिति + मुहावरा/लोकोक्ति का अंतर साथ में समझें। NCERT की भाषा-संबंधी सामग्री में भी विभिन्न संदर्भों में मुहावरों के उचित प्रयोग को भाषा-अभिव्यक्ति की सीखने की क्षमता से जोड़ा गया है।[1]
ये पूर्णतः निःशुल्क अध्ययन-नोट्स हैं। नीचे दिए गए अभ्यास प्रश्न Practice Questions in Exam Style हैं; इन्हें आधिकारिक BPSC प्रश्नपत्र के सत्यापित प्रश्न के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
🧩 1. पहले अर्थ पकड़िए: मुहावरा और लोकोक्ति क्या हैं?
Question-led तरीके से शुरुआत करें। यदि किसी वाक्य में कोई ऐसा स्थिर पद-समूह है जिसका अर्थ उसके शब्दों के सीधे अर्थ से अलग निकलता है, तो पहले यह जाँचिए कि वह मुहावरा है या लोकोक्ति। NCERT के एक भाषा-अभ्यास में “एक और एक ग्यारह होना”, “घी के दिए जलाना”, “अंगूठा दिखाना”, “टेढ़ी खीर होना” और “पानी-पानी होना” जैसे मुहावरों को उनके अर्थों से मिलाने का अभ्यास दिया गया है।[2]
लोकोक्ति = अपने भीतर पूरा संदेश रखती है।
यह पूर्ण व्याकरणिक परिभाषा नहीं, बल्कि परीक्षा में शुरुआती पहचान के लिए उपयोगी स्मृति-सूत्र है।
⚖️ 2. मुहावरा बनाम लोकोक्ति: जहाँ सबसे अधिक भ्रम होता है
दोनों में लोक-प्रयोग और स्थिरता दिखाई दे सकती है, इसलिए केवल “पुराना कथन” देखकर निर्णय न लें। यह देखें कि पद-समूह किसी वाक्य का हिस्सा बनकर लाक्षणिक अर्थ दे रहा है या पूरा कथन किसी अनुभव/संदेश को व्यक्त कर रहा है।
| आधार | मुहावरा | लोकोक्ति |
|---|---|---|
| स्वरूप | स्थिर वाक्यांश | लोक-अनुभव पर आधारित कथन |
| मुख्य अर्थ | अक्सर लाक्षणिक | स्थिति या जीवन-संदेश |
| वाक्य में भूमिका | वाक्य का अंग बनता है | अक्सर स्वतंत्र कथन की तरह प्रयुक्त |
| उदाहरण | नाक कटना | जैसी करनी वैसी भरनी |
NCERT की भाषा-शिक्षण सामग्री में मुहावरे और कहावतों की पहचान तथा लेखन में उपयोग को भाषा-संबंधी दक्षताओं के साथ रखा गया है।[3] इसलिए तैयारी में केवल अर्थ-रटने की जगह वाक्य बनाकर अभ्यास करना अधिक उपयोगी है।
🗣️ 3. महत्वपूर्ण मुहावरे: अर्थ के साथ सही वाक्य-प्रयोग
अब प्रश्नों की तरह पढ़िए: पहले मुहावरा देखें, फिर अर्थ बोलें, और उसके बाद ऐसा वाक्य बनाइए जिसमें उसका लाक्षणिक अर्थ स्वाभाविक लगे। नीचे दिए गए वाक्य नए उदाहरण हैं।
आँखों में धूल झोंकना — धोखा देना।
आँखों में खून उतरना — बहुत क्रोधित होना।
नाक कटना — अपमान होना।
नाक में दम करना — बहुत परेशान करना।
दाँत खट्टे करना — बुरी तरह परास्त करना।
दाँतों तले उँगली दबाना — बहुत आश्चर्यचकित होना।
आँखों में धूल झोंकना: जाँच अधिकारी की आँखों में धूल झोंकना आसान नहीं था।
नाक कटना: अनुचित व्यवहार से पूरे परिवार की नाक कट गई।
नाक में दम करना: लगातार शोर ने पड़ोसियों की नाक में दम कर दिया।
हाथ पर हाथ धरे बैठना — निष्क्रिय बैठे रहना।
हाथ-पाँव फूलना — घबरा जाना।
कमर कसना — पूरी तैयारी करना।
कान भरना — किसी के विरुद्ध भड़काना।
कान पर जूँ न रेंगना — कोई प्रभाव न पड़ना।
पानी-पानी होना — बहुत लज्जित होना।
आसमान से बातें करना — बहुत ऊँचा होना।
चार चाँद लगाना — शोभा बढ़ाना।
रंगे हाथ पकड़ा जाना — अपराध करते हुए पकड़ा जाना।
लोहे के चने चबाना — बहुत कठिन कार्य करना।
टेढ़ी खीर होना — बहुत कठिन कार्य होना।
एक और एक ग्यारह होना — एकता में शक्ति होना।
इनमें कुछ मुहावरों के उदाहरण NCERT के भाषा-अभ्यास में भी मिलते हैं, जैसे “एक और एक ग्यारह होना”, “टेढ़ी खीर होना” और “पानी-पानी होना”।[4] परीक्षा में यदि अर्थ पूछा जाए तो सीधे अर्थ की जगह लाक्षणिक अर्थ चुनना है।
📜 4. महत्वपूर्ण लोकोक्तियाँ: कथन में छिपा अनुभव
लोकोक्ति को याद करने का अच्छा तरीका है उसका संदेश पकड़ना। शब्द बदलकर अर्थ याद करने की कोशिश न करें; पहले यह समझें कि कथन किस स्थिति पर लागू होता है।
| लोकोक्ति | भावार्थ | स्थिति |
|---|---|---|
| अधजल गगरी छलकत जाए | कम ज्ञान वाला अधिक दिखावा कर सकता है | ज्ञान से अधिक प्रदर्शन |
| जैसी करनी वैसी भरनी | कर्म के अनुसार परिणाम मिलता है | कर्म-फल |
| घर की मुर्गी दाल बराबर | अपने पास की वस्तु का मूल्य कम समझना | परिचित चीज की उपेक्षा |
| दूर के ढोल सुहावने | दूर की चीज अधिक अच्छी लगना | दूरी से आकर्षण |
| बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद | अयोग्य व्यक्ति मूल्य नहीं समझता | मूल्य की पहचान न होना |
| अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत | समय निकलने के बाद पछतावा व्यर्थ | अवसर खोना |
✍️ 5. वाक्य-प्रयोग: अर्थ सही है, फिर भी उत्तर गलत क्यों हो सकता है?
वाक्य-प्रयोग में केवल अर्थ सही होना पर्याप्त नहीं है। मुहावरा वाक्य में स्वाभाविक ढंग से बैठना चाहिए। कर्ता, काल और संदर्भ के अनुसार उसका रूप बदल सकता है, लेकिन मूल मुहावरे की पहचान बनी रहती है।
दूसरा: क्या वाक्य का संदर्भ उस अर्थ को स्वाभाविक बनाता है?
तीसरा: क्या आपने मुहावरे को उसके शब्दशः अर्थ में तो नहीं लगा दिया?
NCERT की भाषा-शिक्षण सामग्री में विभिन्न संदर्भों और उद्देश्यों के अनुसार मुहावरों के उचित प्रयोग पर बल मिलता है।[5] इसलिए वाक्य-प्रयोग वाले प्रश्न में संदर्भ को उतना ही महत्व दें जितना अर्थ को।
🚧 6. सामान्य भ्रम और त्रुटि-सुधार
अब उन जगहों पर ध्यान दें जहाँ विद्यार्थी अर्थ जानते हुए भी विकल्प गलत कर देता है।
📝 7. Practice Questions: प्रश्न देखकर नियम लागू करें
नीचे अलग-अलग प्रकार के अभ्यास दिए गए हैं। सभी प्रश्न इस नोट के लिए बनाए गए हैं; कोई भी प्रश्न Verified PYQ के रूप में दावा नहीं किया गया है। BPSC अपनी वेबसाइट पर पिछले प्रश्न-पुस्तिकाएँ उपलब्ध कराता है, इसलिए वास्तविक PYQ की पहचान के लिए आधिकारिक प्रश्न-पुस्तिका को ही आधार मानें।[6]
(अ) पानी-पानी होना — (1) बहुत लज्जित होना
(आ) हाथ मलना — (2) पछताना
(इ) कमर कसना — (3) पूरी तैयारी करना
(ई) चार चाँद लगाना — (4) शोभा बढ़ाना
कारण: यह एक सामान्य कर्म-फल संबंधी संदेश देती है और किसी विशेष वाक्यांश को केवल लाक्षणिक अर्थ में बदलने तक सीमित नहीं है।
ख. छात्र ने भोजन करते समय दाँतों तले उँगली दबा ली।
ग. उसने उँगली काटने के लिए दाँतों तले दबाई।
घ. वह रोज दाँतों तले उँगली दबाता था।
ख. नाक कटना — मुहावरा; जैसी करनी वैसी भरनी — लोकोक्ति
ग. दोनों मुहावरे
घ. दोनों लोकोक्तियाँ
100 महत्वपूर्ण मुहावरे और लोकोक्तियाँ: अर्थ एवं वाक्य-प्रयोग
नीचे दिए गए उदाहरण परीक्षा की तैयारी के लिए मुहावरों और लोकोक्तियों के अर्थ तथा उनके सही वाक्य-प्रयोग को समझने में सहायक हैं।
| क्रमांक | मुहावरा / लोकोक्ति | अर्थ | वाक्य-प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 1 | आँखों का तारा | बहुत प्रिय होना | राहुल अपने माता-पिता की आँखों का तारा है। |
| 2 | आँखों में धूल झोंकना | धोखा देना | ठग ने लोगों की आँखों में धूल झोंक दी। |
| 3 | आँखों में खून उतरना | बहुत क्रोधित होना | अपमान सुनकर उसकी आँखों में खून उतर आया। |
| 4 | आँखों का पानी मरना | लज्जा समाप्त होना | गलती के बाद भी उसे कोई पछतावा नहीं हुआ, लगता है उसकी आँखों का पानी मर गया है। |
| 5 | आँखों से ओझल होना | दिखाई न देना | बस कुछ ही देर में गाँव हमारी आँखों से ओझल हो गया। |
| 6 | नाक कटना | अपमान होना | बेटे की हरकत से परिवार की नाक कट गई। |
| 7 | नाक में दम करना | बहुत परेशान करना | बच्चों ने पूरे दिन उसकी नाक में दम कर दिया। |
| 8 | नाक रखना | सम्मान बचाना | उसने कठिन समय में परिवार की नाक रख ली। |
| 9 | नाक पर मक्खी न बैठने देना | बहुत सजग रहना | प्रधानाचार्य विद्यालय की व्यवस्था में नाक पर मक्खी नहीं बैठने देते। |
| 10 | नाक सिकोड़ना | अरुचि या नापसंदगी दिखाना | वह साधारण भोजन देखकर नाक सिकोड़ने लगा। |
| 11 | दाँत खट्टे करना | बुरी तरह परास्त करना | हमारी टीम ने विरोधी टीम के दाँत खट्टे कर दिए। |
| 12 | दाँतों तले उँगली दबाना | बहुत आश्चर्यचकित होना | कलाकार का अद्भुत प्रदर्शन देखकर सभी ने दाँतों तले उँगली दबा ली। |
| 13 | दाँत काटी रोटी होना | बहुत घनिष्ठ मित्र होना | मोहन और सोहन में दाँत काटी रोटी है। |
| 14 | दाँत दिखाना | धमकी देना | कमजोर समझकर किसी को दाँत नहीं दिखाने चाहिए। |
| 15 | दाँतों में जीभ दबाना | चुप रह जाना | कठिन प्रश्न सुनकर वह दाँतों में जीभ दबाकर बैठ गया। |
| 16 | कान भरना | किसी के विरुद्ध भड़काना | किसी ने मालिक के कान भर दिए, इसलिए वह नाराज हो गया। |
| 17 | कान पर जूँ न रेंगना | कोई प्रभाव न पड़ना | बार-बार समझाने पर भी उसके कान पर जूँ नहीं रेंगी। |
| 18 | कान देना | ध्यानपूर्वक सुनना | शिक्षक की बात पर कान दो। |
| 19 | कान खड़े होना | सतर्क होना | अजीब आवाज सुनते ही चौकीदार के कान खड़े हो गए। |
| 20 | कान में तेल डालना | जानबूझकर अनसुना करना | समस्या बताने के बावजूद वह कान में तेल डालकर बैठा रहा। |
| 21 | मुँह की खाना | हार जाना | मुकाबले में उसे मुँह की खानी पड़ी। |
| 22 | मुँह में पानी आना | स्वादिष्ट भोजन देखकर खाने की इच्छा होना | गरम जलेबी देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया। |
| 23 | मुँह की बात छीन लेना | वही बात पहले कह देना | तुमने तो मेरे मुँह की बात छीन ली। |
| 24 | मुँह पर ताला लगाना | चुप रहना | गोपनीय बात सुनकर उसने मुँह पर ताला लगा लिया। |
| 25 | मुँह काला करना | अपमानित होना | गलत काम करके उसने पूरे परिवार का मुँह काला कर दिया। |
| 26 | हाथ पर हाथ धरे बैठना | निष्क्रिय बैठना | परीक्षा नजदीक है और तुम हाथ पर हाथ धरे बैठे हो। |
| 27 | हाथ बँटाना | सहायता करना | घर के काम में सभी को माँ का हाथ बँटाना चाहिए। |
| 28 | हाथ मलना | पछताना | अवसर निकल जाने के बाद वह हाथ मलता रह गया। |
| 29 | हाथ साफ करना | चोरी करना | चोर ने दुकान में हाथ साफ कर दिया। |
| 30 | हाथ खड़े करना | हार मान लेना | कठिन समस्या देखकर उसने हाथ खड़े कर दिए। |
| 31 | पैरों तले जमीन खिसकना | बहुत घबरा जाना | अचानक दुर्घटना की खबर सुनकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। |
| 32 | पैर जमाना | स्थिर स्थिति बनाना | नई नौकरी में उसने जल्द ही अपने पैर जमा लिए। |
| 33 | पैर पर कुल्हाड़ी मारना | अपना ही नुकसान करना | अच्छी नौकरी छोड़कर उसने अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली। |
| 34 | पैर उखड़ना | स्थिति बिगड़ना या हारना | लगातार दबाव से विरोधी टीम के पैर उखड़ गए। |
| 35 | पैर पकड़ना | बहुत विनती करना | गलती के बाद उसने शिक्षक के पैर पकड़कर माफी माँगी। |
| 36 | सिर पर कफन बाँधना | मृत्यु की परवाह न करना | सैनिक देश की रक्षा के लिए सिर पर कफन बाँधकर निकलते हैं। |
| 37 | सिर पर चढ़ाना | बहुत अधिक लाड़ करना | बच्चे को इतना सिर पर मत चढ़ाओ। |
| 38 | सिर खपाना | बहुत सोच-विचार करना | इस प्रश्न को हल करने में मैंने बहुत सिर खपाया। |
| 39 | सिर पर कफन बाँधना | जान की परवाह न करना | स्वतंत्रता सेनानियों ने सिर पर कफन बाँधकर संघर्ष किया। |
| 40 | सिर आँखों पर | आदरपूर्वक स्वीकार करना | आपका आदेश मेरे सिर आँखों पर। |
| 41 | पानी-पानी होना | बहुत लज्जित होना | गलती पकड़े जाने पर वह पानी-पानी हो गया। |
| 42 | पानी फेरना | काम बिगाड़ देना | एक छोटी गलती ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। |
| 43 | पानी की तरह पैसा बहाना | बहुत अधिक खर्च करना | वह शादी में पानी की तरह पैसा बहा रहा है। |
| 44 | पानी में आग लगाना | असंभव काम करना | वह तो पानी में आग लगाने की बात करता है। |
| 45 | रंग में भंग पड़ना | आनंद में बाधा आना | बारिश ने पिकनिक के रंग में भंग डाल दिया। |
| 46 | कमर कसना | पूरी तैयारी करना | परीक्षा के लिए विद्यार्थियों ने कमर कस ली है। |
| 47 | खून-पसीना एक करना | बहुत मेहनत करना | किसानों ने फसल के लिए खून-पसीना एक कर दिया। |
| 48 | खून खौलना | बहुत क्रोधित होना | अन्याय देखकर उसका खून खौल उठा। |
| 49 | खून का प्यासा होना | जान लेने के लिए आतुर होना | शत्रु उसके खून का प्यासा था। |
| 50 | खून सफेद होना | अपनों से संबंध या प्रेम समाप्त होना | स्वार्थ के कारण उसका खून सफेद हो गया। |
| 51 | लोहे के चने चबाना | बहुत कठिन काम करना | इस परीक्षा में सफलता पाना लोहे के चने चबाने जैसा है। |
| 52 | लोहे की तरह मजबूत | बहुत दृढ़ होना | वह कठिन परिस्थितियों में लोहे की तरह मजबूत रहा। |
| 53 | आसमान सिर पर उठाना | बहुत शोर करना | बच्चों ने खेलते हुए आसमान सिर पर उठा लिया। |
| 54 | आसमान से बातें करना | बहुत ऊँचा होना | नई इमारत आसमान से बातें करती हुई लगती है। |
| 55 | चार चाँद लगाना | शोभा बढ़ाना | उसकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। |
| 56 | दिन में तारे दिखना | बहुत कष्ट होना | चोट लगने पर उसे दिन में तारे दिखाई देने लगे। |
| 57 | दिन में रात करना | बहुत बड़ा परिवर्तन करना | तकनीक ने कई क्षेत्रों में दिन में रात कर दी है। |
| 58 | नौ दो ग्यारह होना | भाग जाना | पुलिस को देखते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गया। |
| 59 | रात-दिन एक करना | बहुत मेहनत करना | उसने परीक्षा में सफलता के लिए रात-दिन एक कर दिया। |
| 60 | चार दिन की चाँदनी | थोड़े समय की खुशी या वैभव | यह सफलता चार दिन की चाँदनी साबित न हो, इसका ध्यान रखना चाहिए। |
| 61 | आटे-दाल का भाव मालूम होना | वास्तविक कठिनाई का अनुभव होना | नौकरी शुरू करने के बाद उसे आटे-दाल का भाव मालूम हो गया। |
| 62 | एक और एक ग्यारह होना | एकता में शक्ति होना | यदि सभी मिलकर काम करें तो एक और एक ग्यारह हो जाते हैं। |
| 63 | एक आँख न भाना | बिल्कुल पसंद न करना | उसकी बात मुझे एक आँख नहीं भाती। |
| 64 | टस से मस न होना | अपने निर्णय से न हटना | बहुत समझाने पर भी वह टस से मस नहीं हुआ। |
| 65 | बाल-बाल बचना | बहुत थोड़े अंतर से बचना | दुर्घटना में वह बाल-बाल बच गया। |
| 66 | अंधे की लाठी | एकमात्र सहारा | बूढ़े पिता के लिए उनका बेटा अंधे की लाठी है। |
| 67 | आस्तीन का साँप | विश्वासघाती व्यक्ति | जिसे वह अपना मित्र समझता था, वही आस्तीन का साँप निकला। |
| 68 | ईंट का जवाब पत्थर से देना | कड़ा प्रतिकार करना | सेना ने हमले का ईंट का जवाब पत्थर से दिया। |
| 69 | उँगली पर नचाना | पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखना | वह अपनी मधुर बातों से सबको उँगली पर नचा लेता है। |
| 70 | उल्टी गंगा बहाना | विपरीत या असामान्य काम करना | उसका व्यवहार देखकर लगता है कि वह उल्टी गंगा बहा रहा है। |
| 71 | अधजल गगरी छलकत जाए | कम ज्ञान वाला व्यक्ति अधिक दिखावा करता है | वह छोटी-सी जानकारी पर बहुत घमंड करता है; अधजल गगरी छलकत जाए। |
| 72 | अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत | समय निकल जाने पर पछतावा व्यर्थ है | समय पर पढ़ाई नहीं की, अब परीक्षा में पछताना व्यर्थ है। |
| 73 | अंधों में काना राजा | अयोग्यों में थोड़ा योग्य व्यक्ति श्रेष्ठ होना | सभी कर्मचारी नए थे, इसलिए अनुभवी कर्मचारी अंधों में काना राजा था। |
| 74 | अंत भला तो सब भला | अच्छा परिणाम होने पर कठिनाइयाँ भूल जाती हैं | यात्रा में कई परेशानियाँ आईं, लेकिन सुरक्षित घर पहुँच गए—अंत भला तो सब भला। |
| 75 | आम के आम, गुठलियों के दाम | एक काम से दो लाभ | यात्रा में काम भी हो गया और घूमना भी—आम के आम, गुठलियों के दाम। |
| 76 | आगे कुआँ, पीछे खाई | दोनों ओर संकट होना | नौकरी छोड़ना भी मुश्किल है और वहाँ रहना भी; आगे कुआँ, पीछे खाई है। |
| 77 | एक अनार सौ बीमार | चाहने वाले बहुत, वस्तु कम | इस पद के लिए उम्मीदवार बहुत हैं—एक अनार सौ बीमार। |
| 78 | एक मछली सारे तालाब को गंदा करती है | एक बुरा व्यक्ति पूरे समूह को बदनाम कर सकता है | एक कर्मचारी की गलती से पूरा विभाग बदनाम हुआ; एक मछली सारे तालाब को गंदा करती है। |
| 79 | ओस चाटने से प्यास नहीं बुझती | बहुत कम साधन से बड़ी आवश्यकता पूरी नहीं होती | इतने कम समय में इतनी बड़ी तैयारी संभव नहीं; ओस चाटने से प्यास नहीं बुझती। |
| 80 | खोदा पहाड़ निकली चुहिया | बहुत प्रयास के बाद बहुत कम परिणाम निकलना | इतना प्रचार हुआ लेकिन परिणाम कुछ नहीं निकला—खोदा पहाड़ निकली चुहिया। |
| 81 | घर की मुर्गी दाल बराबर | घर की वस्तु या व्यक्ति का महत्व न समझना | वह बाहर के शिक्षक की बात मानता है, अपने पिता की नहीं—घर की मुर्गी दाल बराबर। |
| 82 | चोर की दाढ़ी में तिनका | दोषी व्यक्ति स्वयं आशंकित रहता है | किसी ने उसका नाम नहीं लिया, फिर भी वह सफाई देने लगा—चोर की दाढ़ी में तिनका। |
| 83 | चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए | बहुत अधिक कंजूसी करना | वह पैसे खर्च करने से हमेशा बचता है; चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए। |
| 84 | चिकने घड़े पर पानी न ठहरना | किसी बात का प्रभाव न पड़ना | उसे कितना भी समझाओ, कोई असर नहीं होता—चिकने घड़े पर पानी नहीं ठहरता। |
| 85 | दूर के ढोल सुहावने | दूर की चीजें अच्छी लगना | दूसरी नौकरी आसान लगती है, लेकिन दूर के ढोल सुहावने होते हैं। |
| 86 | न रहेगा बाँस, न बजेगी बाँसुरी | मूल कारण समाप्त होने पर समस्या समाप्त होना | यदि विवाद का कारण ही समाप्त कर दें तो न रहेगा बाँस, न बजेगी बाँसुरी। |
| 87 | नाम बड़े और दर्शन छोटे | प्रसिद्धि अधिक, वास्तविकता कम | कंपनी की बहुत चर्चा थी, लेकिन काम देखकर लगा—नाम बड़े और दर्शन छोटे। |
| 88 | नेकी कर दरिया में डाल | भलाई करके बदले की अपेक्षा न करना | जरूरतमंद की सहायता करो और भूल जाओ—नेकी कर दरिया में डाल। |
| 89 | बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद | अयोग्य व्यक्ति गुण का मूल्य नहीं समझता | जिसे साहित्य की समझ नहीं, वह अच्छी कविता की प्रशंसा कैसे करेगा—बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद। |
| 90 | बिन माँगे मोती मिले, माँगे मिले न भीख | भाग्य से बिना माँगे अधिक मिलना | उसे बिना प्रयास अच्छा अवसर मिल गया—बिन माँगे मोती मिले। |
| 91 | मन के हारे हार है, मन के जीते जीत | आत्मविश्वास सफलता में महत्वपूर्ण है | कठिन परीक्षा देखकर निराश मत हो; मन के हारे हार है, मन के जीते जीत। |
| 92 | रस्सी जल गई पर बल नहीं गया | सब कुछ नष्ट होने पर भी अकड़ बनी रहना | नौकरी जाने के बाद भी उसका घमंड कम नहीं हुआ—रस्सी जल गई पर बल नहीं गया। |
| 93 | विनाश काले विपरीत बुद्धि | बुरे समय में बुद्धि विपरीत हो जाना | सफलता के समय उसने गलत निर्णय लिया; विनाश काले विपरीत बुद्धि। |
| 94 | साँप भी मर जाए, लाठी भी न टूटे | ऐसा उपाय जिसमें दोनों उद्देश्य पूरे हों | हमें ऐसा समाधान चाहिए जिससे साँप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे। |
| 95 | सौ सुनार की, एक लोहार की | एक प्रभावशाली कार्य कई छोटे कार्यों पर भारी पड़ना | उसके एक निर्णय ने पूरी समस्या हल कर दी—सौ सुनार की, एक लोहार की। |
| 96 | जैसी करनी वैसी भरनी | कर्म के अनुसार फल मिलना | दूसरों को धोखा देने वाला अंततः स्वयं भी धोखा खाता है—जैसी करनी वैसी भरनी। |
| 97 | जितनी चादर हो उतने पैर पसारो | आय के अनुसार खर्च करना | बिना जरूरत कर्ज मत लो; जितनी चादर हो उतने पैर पसारो। |
| 98 | थोथा चना बाजे घना | कम ज्ञान वाला अधिक बोलता है | वह विषय की जानकारी कम रखता है फिर भी सबसे अधिक बोलता है—थोथा चना बाजे घना। |
| 99 | दूध का जला छाछ भी फूँक-फूँककर पीता है | एक बार नुकसान उठाने वाला आगे सावधान रहता है | पहले धोखा मिलने के कारण अब वह हर सौदे को बहुत सावधानी से देखता है। |
| 100 | देर आए दुरुस्त आए | देर से सही, लेकिन सही स्थिति में आना अच्छा है | उसने देर से अपनी गलती समझी, लेकिन अब सुधार कर लिया—देर आए दुरुस्त आए। |
⚡ 8. Rapid Revision: अंतिम समय में क्या दोहराएँ?
अंतिम revision में पूरी सूची फिर से पढ़ने के बजाय अर्थ-समूहों में recall करें। इससे समान अर्थ वाले प्रयोगों के बीच अंतर अधिक साफ रहता है।
आँख: आँखों का तारा = प्रिय; आँखों में धूल झोंकना = धोखा देना।
हाथ: हाथ मलना = पछताना; हाथ-पाँव फूलना = घबरा जाना।
कान: कान भरना = भड़काना; कान पर जूँ न रेंगना = कोई प्रभाव न होना।
सफलता/तैयारी: कमर कसना = तैयारी करना; चार चाँद लगाना = शोभा बढ़ाना।
कठिनाई: टेढ़ी खीर = कठिन कार्य; लोहे के चने चबाना = बहुत कठिन कार्य करना।
लोक-अनुभव: जैसी करनी वैसी भरनी = कर्म-फल; दूर के ढोल सुहावने = दूर की वस्तु आकर्षक लगना।
लोकोक्ति पूछे → संदेश और परिस्थिति देखो।
वाक्य-प्रयोग पूछे → लाक्षणिक अर्थ और संदर्भ देखो।
📚 References
भाषा-संबंधी शैक्षिक दावों के लिए नीचे आधिकारिक NCERT स्रोत और परीक्षा-प्रश्नपत्र संबंधी प्रक्रिया के लिए BPSC का आधिकारिक स्रोत रखा गया है। मुहावरों और लोकोक्तियों के अर्थों को मानक हिंदी-प्रयोग के आधार पर अपने शब्दों में समझाया गया है।
❓ FAQ
Muhavare Lokokti BPSC TRE Notes 2026 में सबसे पहले क्या पढ़ें?
पहले मुहावरा और लोकोक्ति का अंतर समझें। फिर अर्थ के साथ वाक्य-प्रयोग करें। अंत में समान भाव वाले प्रयोगों और शब्दशः अर्थ के भ्रम को दोहराएँ।
मुहावरे का अर्थ शब्दशः क्यों नहीं लिया जाता?
क्योंकि मुहावरा प्रायः लाक्षणिक अर्थ देता है। “नाक कटना” में शारीरिक अर्थ नहीं, बल्कि अपमान का अर्थ लिया जाता है।
लोकोक्ति पहचानने का सबसे आसान तरीका क्या है?
देखें कि क्या कथन अपने भीतर किसी स्थिति, अनुभव या सामान्य संदेश को पूरा व्यक्त कर रहा है। “जैसी करनी वैसी भरनी” इसका स्पष्ट उदाहरण है।
क्या ऊपर दिए गए अभ्यास प्रश्न वास्तविक BPSC प्रश्न हैं?
नहीं। वे इस नोट के लिए बनाए गए Practice Questions in Exam Style हैं। वास्तविक PYQ की पुष्टि BPSC की आधिकारिक Question Booklets से करनी चाहिए।
वाक्य-प्रयोग में सबसे बड़ी गलती क्या होती है?
मुहावरे का अर्थ जानते हुए भी उसे ऐसे वाक्य में रख देना जिसमें उसका लाक्षणिक भाव स्वाभाविक न हो। इसलिए हर प्रयोग में अर्थ और संदर्भ दोनों जाँचें।